फेर ली ग़र निगाहें, हया से किसी ने,
फ़कत इक नजाकत थी,नफरत न थी।

फिर तकल्लुफ किया,बदली राहें सभी,  Read more

मेरे सूत्र उसी वक्त बेकार हो गये,
जब चापलूस ही उनके राज़दार हो गये।
मेरे तमाम रसूक तमाशाई रह गये,
काफिर उनके दोस्त अब खुद्दार हो गये। Read more

काफिर के दिल से आया हूँ मैं ये देखकर,
खुदा मौजूद है वहाँ पर उसे पता नहीं…