“याचना नहीं अब………”

याद आ रही मुझको फिर
दिनकर की बात पुरानी वो।  Read more

लिखा ही समझते हैं न ज़बानी हमारी
यही है मुद्दत से परेशानी हमारी

दिया जो दिल किसी को वापस नहीं लेते Read more

वो जाते हुये प्यार में, निशानी दे गया,
इक उम्रभर को, आँख में पानी दे गया,

ज़माने से छुपाई थी, बातें मोहब्बत की,
वो ज़माने को सुनाने को, कहानी दे गया,
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मनोज सिंह”मन”

दूर जाने से पहले, मेरी जिंदगानी ले जा,
तू मेरे नादाँ दिल से, थोड़ी नादानी ले जा,

कैसे बताओगे सबको, जुदाई का सबब तुम,  Read more

इस जिन्दगी की बस एक ही कहानी है,
कंही ठहरा तो कंही बहता हुआ पानी है,

न जाने कोई राज़  बहते हुये अश्कों का,  Read more

आगाज़ तो होता है अंजाम नहीं होता
जब मेरी कहानी में वो नाम नहीं होता

जब ज़ुल्फ़ की कालिख में घुल जाए कोई राही Read more

एक चेहरा था ,दो आखें थीं ,हम भूल पुरानी कर बैठे .
एक किस्सा जी कर खुद को ही, हम एक कहानी कर बैठे …

हम तो अल्हड-अलबेले थे ,खुद जैसे निपट अकेले थे , Read more

जो अधूरी रह गयी थी वो कहानी सोचना,
कभी बैठकर तन्हा अपनी बातें पुरानी सोचना…

मुझे गर्व था कि मैं तुझे जानता हूं,
मेरी सभी रचनाओं में दुनिया वाले तेरी छवि देखते हैं|

यहां आ कर वे पूछते हैं “ये कौन है?  Read more

मैं पल दो पल का शायर हूँ, पल दो पल मेरी कहानी है
पल दो पल मेरी हस्ती है, पल दो पल मेरी जवानी है

मुझसे पहले कितने शायर, आए और आकर चले गए
कुछ आहें भर कर लौट गए, कुछ नग्में गा कर चले गए Read more

हर एक बात को चुप-चाप क्यूँ सुना जाए
कभी तो हौसला कर के नहीं कहा जाए

तुम्हारा घर भी इसी शहर के हिसार में है Read more

ए दिल ये तेरी जिद, मुझे नादानी लगती है,
उसे पाने की उम्मीद,अब बेमानी लगती है,

क्यों खोया है तू,उसके खाब्बों-ख्यालों में, Read more