आस्मां हमेशा मेरे ही कदमों में नजर आया करता है ~~
मां की दुआओं का हाथ सदा सिर पर छाया रहता है~~
आभा….

ऐ अन्ज़ान,
अच्छा हुआ जो कदम मेरे सम्हलें थें,
अगर फिसलते तो आज फिर से मोहब्बत हो जाती।

तेरे कदमो की आहट रात भर सोने नही देती
इस कदर दिल पर मेरे तुम राह बनाये हो

नीतू