#G4.

क्यूँ खोये खोये से मेरे दिलदार नज़र आते हैं,
कोई कह दे हम उनके दीदार को इधर आते हैं,

हथेली में मेरी अक्सर काँटे चुभाने वाले,  Read more

तेरे संग जीने की चाहत है
तुझसे मिलने की उल्फत है

एक बार जो तुझसे मिल लू
यही मेरी इबादत है।

-Nisha nik.

मन के मैल से उल्फ़त का जंतर टूट जाता है
साहिल टूट जाये तो समंदर टूट जाता है

बिखर गया तिनका तिनका आँधी के आने से  Read more

उन नादानियों के दौर से यूँ हम भी गुज़रे थे,
अब क्या बताये आपको कि कैसे बिखरे थे,

शिकवे शिकायत रूठना रोज़ की बात रही,  Read more

यकीं उसकी उल्फ़त का मुझे आने तो दे
हँस   भी  लेंगे  पहले  मुस्कुराने  तो दे

तीर  क्या नज़रों  से तलवार चला जानां  Read more