जब उदास होते थे तो कोई बात भी नहीं करता था
आज जब मुस्कुराते है तो लोग वजह पूछ लेते हैं।

नसीब इन्सान का चाहत से ही सँवरता है
क्या बुरा इसमें किसी पर जो कोई मरता है
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हाल-ए-दिल ना पूछ भरी महफ़िल में कि उदास क्यों हूँ,   Read more

तुम्हे जब कभी मिले फुर्सत मेरे दिल से बोझ उतर दो,
मैं बहुत दिनों से उदास हूँ मुझे इक शाम तो उधार दो…