यूँ लगने लगी है अब जहर जिंदगी,
तड़पा रही है कुछ इस कदर जिंदगी,

यंहा उजालों के पीछे अँधेरा है बहुत, Read more

सामने के घर में जब देखी शमा,
अपने घर के वो उजाले याद आये।

भूलना चाहा किया जब दिल उन्हें, Read more