जब आया मेरा चांद छत पर चांद देखने
तो चांद भी मेरे चांद का दीवाना हो गया।

नव वर्ष के अभिनन्दन को आतुर सारा संसार,

भूल गए वो ज़ख्म पुराने, वो खून का कारोबार!

पिछले वर्ष ने बहुत रुलाया , सबकी नींद उड़ा दी, Read more