अपनी इन नशीली निगाहों को जरा झुका दीजिए जनाब,
मेरा मजहब मुझे नशे की इजाज़त नहीं देता ।

ऐ अन्ज़ान,
लोग पूँछने लगे हैं मुझसे मेरे मुस्कुराने की वजह,
अगर हो इजाज़त तो तुम्हारा नाम बता दूँ।