बादशाहत की चाहत किसको है~~~~
दिल इश्क की फक़ीरी में ख़ुदा है~~~~
आभा….

ऐ इश्क एक शिकायत हमको भी है तुझसे
गवाही दे तो दोनों तरफ की दिया कर
हमें मुजरिम बना देता है तेरा एकतरफा होना।

इश्क की अदालत में हार मेरी लाज़िमी थी,
ये नादाँ दिल मेरा पैरवी उसकी करता रहा.
~ मनोज सिंह”मन”

जिंदगी एक, और मौत हज़ार मिली,
हमें गम-ए-फ़िज़ा, तुम्हें बहार मिली,

मैने वफ़ा के नाम पे, लुटाया आशियाँ,  Read more

तुमको छोड़ के जिस दिन मैं, दूर कहीं चला जाऊँगा।
आँखों में… मैं बनके आँसु याद बहुत तुम्हें आऊँगा।
इन्दर गुन्नासवाला

तुझे इश्क़ कर के ये यक़ीन हुआ कि
इबादत
के लिए ख़ुदा का मिलना ज़रूरी नहीं है
आभा..

अनकहे इश्क़ की भी क्या अजीब हकीकत हैं,
बस निखरता ही जाता हैं यूँ वक्त गुजरते गुजरते..

इश्क़ में हमारी बे-ज़ुबानी देखते जाओ
उस पर आलम की तर्जुमानी देखते जाओ

तुम ना आओगे कभी मुन्तज़िर हम फिर भी हैं  Read more

नजदीकियां तो हम भी बढ़ा लेते उनसे…
पर एक तरफा इश्क़ के खुमार का, नशा ही कुछ ओर था …
मेरे अजीब दोस्तों का तुम्हें भाभी कह के बुलाना और Read more

ऐ अन्ज़ान ,
कल जो इश्क सस्ता बहुत मिला था,
आज वहीं इश्क महँगा भी बहुत पड़ा है।

ऐ अन्ज़ान,
इससे बेहतर क्या सजा थी, जो वो देती मुझको।
कर गयी मुझको तनहा, मगर अपना बना के।

ये तो ना सोचा था हमने, कोई ख़ुदा हो जायेगा,
दिल से दिल लगा के हमसे, वो जुदा हो जायेगा,

दर्द दिल में है अगर, फ़िक्र फिर किस बात की,  Read more

एक मसला-ए-मोहब्बत, जो कभी सुलझा नही,
हमने कभी कहा नही, उसने कभी समझा नही,

ये इश्क में सजा रही, अब जिंदगी में मज़ा नही,  Read more

है कहीं नहीं जो आस पास वो करीब सा लगे
जाने उस आवाज में क्या क्या रंग भरा लगे..
आभा…

मैने जब भी चाहा कि हाले दिल कहूं तुझसे
तू किसी और की बातों में ही उलझा मिला..
आभा….

काश कि ये हालात,एकबार फिर बदल जाते,
अबकी तेरे बदलने से पहले,हम बदल जाते,

कितना ग़मज़दा रहा हूँ,तेरी जुदाई में सनम,  Read more

कह गयी मुझसे उनकी वो जुंबिशे नज़र
ब़ाकी जो ईश्क था अब खत्म हो गया…..
आभा….

जब भी किसी ने बारहा ज़िक्र तेरा किया
खो गयी आंखे दिखायी दूर तक न दिया….
आभा….

ऐ अन्ज़ान,
तुम मेरी जिन्दगी की वो कमीं हो,
जो जिन्दगी भर रहोगे।

ईश्क हम आज भी तुझे बेपनाह करते है
तेरा इंतजार बस अब नहीं करते है….
आभा….