तेरे संग जीने की चाहत है
तुझसे मिलने की उल्फत है

एक बार जो तुझसे मिल लू
यही मेरी इबादत है।

-Nisha nik.

तुझे इश्क़ कर के ये यक़ीन हुआ कि
इबादत
के लिए ख़ुदा का मिलना ज़रूरी नहीं है
आभा..

यादों की कैद से आज़ाद हो भी जाओ अगर
वो रूह कहाँ से लाओगे जो उनकी इबादत न करे..
आभा..