दूरियां दीवार की मोहताज़ नहीं होती
नफ़रते तलवार की मोहताज़ नहीं होती

कौन बोले है न बोले रब के लिये  Read more

इज़हार क्यों किया था, इकरार क्यों किया था,
जब जाना बहुत दूर, फिर प्यार क्यों किया था,

ना थी कोई रंजिश, और ना थी कोई शिकायत,
जब हार गया दिल तुझपे, ये वार क्यों किया था.
~ मनोज सिंह “मन”

इश्क है तो इश्क का इजहार होना चाहिये,
आपको चेहरे से भी बीमार होना चाहिये,

आप दरिया हैं तो फिर इस वक्त हम खतरे में हैं,
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