तेरे दिल में मेरे प्यार की जो बातें हैं,
तुझे उन बातों की कसम,

तेरे प्यार के किस्से मेरे हिस्से…  Read more

हर शख़्स का जहां में ये हाल-ए-ज़ार रहता है
नज़र में किसी का पल-पल इंतेज़ार रहता है

–सुरेश सांगवान’सरु’

तुम रहना अपने द्वार,
करना मेरा इंतजार,
हम दोनो को जाना है, Read more

रोज़ तेरा इंतजार करती हूं
रोज़ तेरा एतबार करती हूं
तू आ पाये या न आये पर
तिरी महक में डूबी रहती हूं
आभा चन्द्रा

घर मेरी उम्मीदों के सरहद पार तेरा है
दिल के आइने में फिर भी इंतज़ार तेरा है
—सुरेश सांगवान’सरु’

इंतजार अब भी है तुम्हारा आज भी चाहत वही है।
माना कुछ गलतियां की है हमने मगर हम इन्सान बुरे नहीं है।

बता दे यार मेरे तुझको प्यार है कि नही,
मेरे नसीब में भी कोई बहार है कि नही,

तेरी उम्मीद पे ठहरा हूँ मुद्दत से राहों में,  Read more

इश्क़ में हमारी बे-ज़ुबानी देखते जाओ
उस पर आलम की तर्जुमानी देखते जाओ

तुम ना आओगे कभी मुन्तज़िर हम फिर भी हैं  Read more

ज़र्रा ज़र्रा मेरा इंतज़ार करता है, कभी
तो सुनूं उन अनकही आयतों को
नाउम्मीद सी एक उम्मीद है बाक़ी बस
चुप सी लगी है इन ख़ामोश आँखों को
आभा..

इंतजार अब भी है तुम्हारा
आज भी चाहत वही है।
माना कुछ गलतियां की है हमने
मगर हम इन्सान बुरे नहीं है।

बाज लगभग ७० वर्ष जीता है, परन्तु अपने जीवन के ४० वें वर्ष में आते-आते उसे एक महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ता है ।
उस अवस्था में उसके शरीर के 3 प्रमुख अंग निष्प्रभावी होने लगते हैं. पंजे लम्बे और लचीले हो जाते है व शिकार पर पकड़ बनाने में
असक्षम होने लगते हैं । चोंच आगे की ओर मुड़ जाती है, और भोजन निकालने में व्यवधान उत्पन्न करने लगती है । पंख भारी हो जाते हैं. Read more

ऐ अन्ज़ान,
तुम मेरी जिन्दगी की वो कमीं हो,
जो जिन्दगी भर रहोगे।

ईश्क हम आज भी तुझे बेपनाह करते है
तेरा इंतजार बस अब नहीं करते है….
आभा….

इस अतुल अन्ज़ान की भी जिन्दगी किसी रोज़ होगी रोशन,
उसे इन्तज़ार सुबह का नही, बस किसी के लौट आने का है!

इक बार फिर से एक नज्म रो पडी है
दुनिया के कायदों से वो खुद लड पड़ी है//
यकीन दिला के दिल को कोई चला गया है Read more

समझता है के एक वही है शहर में दाना,
किस्मत बुलंद है उसकी जो हमसे नहीं मिला ।

हद-ए-इंतज़ार देखो क़यामत भी आ गयी,  Read more

शिकस्त-ए-दिल कहूँ या वक़्त की दरकार,
बिछड़ गया वो मुझसे कभी था जो मेरा करार।

वो जिस तरह गया था अपनों को छोड़ के,  Read more

रंग  बहारों  के  उतर  क्यूँ जाते
ख़ुश्बू  के  तेरी  असर क्यूँ जाते

शाख-ए-मोहब्बत जो रहती हरी  Read more

मैं अब तक
उस राह को ताक़ रही हूँ
जिससे तुम चले गए थे
सुनो तुमने कहा था Read more

यकीन है के ना आएगा मुझसे मिलने कोई,
तो फिर ये दिल को मेरे इंतज़ार किसका है…