कोई सवाल ऐसा नहीं जवाब एक रखता हो,
आसमान सा तू कहाँ आफ़ताब एक रखता हो.
— सुरेश सांगवान’सरु’

हौसलों की आज उड़ान देखिये
और सूरत-ए- आसमान देखिये

फूल पे बिखरी मुस्कान देखिये  Read more

परिंदों को आवाज़ लगाने पे रहने दे मुझे
शज़र की मानिंद रबा ठिकाने पे रहने दे मुझे

नहीं चाहिए कोई आसमान है इलित्जा मेरी यही  Read more

मां धरती है पिता आसमां है
मां पूजा है तो पिता महान है
जीवन चमकता दोनों के साथ
मां ममता है पिता सम्मान है…
आभा….

हर गली हर कूचे में बाग़बान मिल जाये
गर इंसान के भीतर इंसान मिल जाये

उधार ना सही नक़दी दुकान मिल जाये  Read more

बिके न सच और झूठ की दुकान बहुत हैं
वो इसलिए की दिल छोटा अरमान बहुत हैं

घर बसाना है मुश्किल ए दौर-ए-तरक्की  Read more

सुबह की सफेदी ने आसमान का स्हाय रंग उडा डाला….
रात की हुकूमत लुट जाने से इन उदास तारों ने खुद को छिपा डाला….
उनके इश्क़ की हुकूमत ही इतनी थी हमारी रुह पर के ना चाहते हुए भी हमने उन्हें अपनी मल्लिका बना डाला……

आज से अब से  कोई  गीत  ऐसा  गाएँ  हम
चाहे गम मिले या खुशियां बस  मुस्कुराएँ हम

जब हदें  नहीं  कोई खुले इन आसमानों की Read more

अगर ख़िलाफ़ हैं होने दो जान थोड़ी है
ये सब धुआँ है कोई आसमान थोड़ी है

लगेगी आग तो आएँगे घर Read more