किस्मत ने साथ छोड़ा तो पानी की बूँद के लिए तरस गये
मोहसिन
वरना एक जमाना ऐसा था लोग रो रो के आंसू पिलाते थे…

आगाज़ तो होता है अंजाम नहीं होता
जब मेरी कहानी में वो नाम नहीं होता

जब ज़ुल्फ़ की कालिख में घुल जाए कोई राही Read more

पढ़ने वालों की कमी हो गयी है आज इस ज़माने में,
नहीं तो गिरता हुआ एक-एक आँसू पूरी किताब है…!!

ज़िक्र होता है मेरा बारहा उसकी जुबां पर
हिचकियाँ बेसबब मुझे यूँ ही नहीं आती

वो जब सोती है तो भीग जाता है तकिये का कोना  Read more

ग़ज़ल कुछ इस तरह से लिखने लगा है वो,
खुशबू की तरह दिल में महकने लगा है वो ।

आसुओं से करता रहा नफ़रतें जो उम्र भर, Read more

मैंने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आँसू
मुद्दतों माँ ने नहीं धोया दुपट्टा अपना…

कभी आंसू कभी खुशबु कभी नगमा बनकर
हमसे हर शाम मिली है तेरा चेहरा बनकर

चाँद निकला है तेरी आँख के आंसू की तरह Read more