ये तो ना सोचा था हमने, कोई ख़ुदा हो जायेगा,
दिल से दिल लगा के हमसे, वो जुदा हो जायेगा,

दर्द दिल में है अगर, फ़िक्र फिर किस बात की, 
गुजरेगा जब हद से जायदा, ये दवा हो जायेगा,

जाने क्या बला है इश्क, ये होता नही बूढ़ा कभी,
जब मिलेगा वो फिर से हमने, ये जबाँ हो जायेगा,

मिलना बिछड़ना इश्क में, बहुत पुरानी रवायत है,
किसे पता है कौन कब, यंहा बेबफा हो जायेगा,

जान लें सब बात इतनी, कि इश्क में होता यही है,
कोई जीयेगा पागल बनके, कोई फ़ना हो जायेगा.
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मनोज सिंह”मन”

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