इश्क करने से पहले पूछी नहीं जाती ज़ात महबूब की,
कुछ तो है दुनिया में जो आज तक मजहबी नही हुआ…

नशा था उनके प्यार का जिसमे हम खो गये,
उन्हें भी नहीं पता चला कि कब हम उनके हो गये…

नफ़रत भी हम हैसीयत देख के करते हैं,
फिर प्यार तो बहुत दूर की बात है…

बिन बात भी दूरियाँ हो जाती हैं कई बार
ज़िंदगी में मजबूरियाँ हो जाती हैं कई बार.

तुम्हे जब कभी मिले फुर्सत मेरे दिल से बोझ उतर दो,
मैं बहुत दिनों से उदास हूँ मुझे इक शाम तो उधार दो…

कब हँसा था जो ये कहते हो की रोना होगा,
अब होके रहेगा मेरी किस्मत में जो होना होगा…

एक ऐसा भी वक़्त होता है,
जब मुस्कराहट भी आह होती है…

जो चाहा मैंने अक्सर मुझे मिला नहीं
जरुर कुछ खोट मेरी शिद्दत में ही रहा होगा .

समझ सको तो समझ लो मेरी निगाहों से,
की दिल की बातें जुबां से कही नहीं जाती…

गुज़र गया आज का दिन भी पहले की तरह,
न हमको फुर्सत मिली न उन्हें ख्याल आया…

मैं अपने साथ रहता हूँ हमेशा,
अकेला हूँ मगर तन्हा नहीं हूँ…

हर रिश्ते का नाम जरूरी नहीं होता मेरे दोस्त,
कुछ बेनाम रिश्ते रुकी जिंदगी को साँस देते है…

इतनी पी जाये की मिट जाये मैं और तू की तमीज,
यानी की ये होश की दीवार अब गिरा दी जाये…

इश्क है ये इश्क कोई मजाक नहीं,
चंद लम्हों में फैसला किया नहीं जाता…

सुना है तेरी महफ़िल में सुकून-ए-दिल भी मिलता है,
मगर हम जब भी तेरी महफ़िल से लौटे बे-करार ही लौटे…

ज़िन्दगी यूँ ही बहुत कम है मुहब्बत के लिए,
फिर रूठकर वक़्त गवाँने की जरूरत क्या है…

वो उम्र भर तो साथ निभा ना सका मेरा लेकिन,
याद बनकर उसने मुझे कभी तन्हा ना छोड़ा…<3

Dost Ko Dost Ka Ishara Yaad Reheta Hai;
Har Dost Ko Apna Dostana Yad Reheta Hai;
Kuch Pal Sachhe Dost Ke Saath To Gujaro;
Woh Afsana Maut Tak Yaad Rehta Hai!

पंख लगाकर मेरे ख्वाबों को ले जाओ कहीं दूर,
कमबख्त रात में आते हैं और सोने भी नहीं देते…

उससे कहना थक गया हूँ मैं खुद को साबित करते करते,
मेरे तरीके गलत हो सकते हैं लेकिन इरादे नहीं…