दिल हर किसी के लिए नहीं धड़कता,
धड़कनों के भी अपने कुछ उसूल होते हैं…!!

कितने झूटे थे हम मोहब्बत में
आज तू भी जिन्दा है और में भी

जिस्म का दिल से अगर वास्ता नहीं होता !
क़सम खुदा की कोई हादसा नहीं होता !…

ऐ अन्ज़ान,
निगाहों में अभी तक दूसरा चेहरा नही आया,
भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का।

पढ़ने वालों की कमी हो गयी है आज इस ज़माने में,
नहीं तो गिरता हुआ एक-एक आँसू पूरी किताब है…!!

ऐ अन्ज़ान,
बड़े कमाल का ताना दिया आज उसने मुझे….
कहा कि लिखते तो खूब हो, कभी समझा भी दिया करो।

Ham unhe pyar karte hai , Har waqt unhe yad karte hai.
Ek din jindgi ne aake kaha,Are ashiq kabhi mera bhi to maza le.
Hame kaha are jindgi , Bina unke teri ibadat nahi.
le chal mujhe waha, jaha unhone hamara sath choda tha.
Gar Kar Sakti hai Itna kar, warna hame teri jarurat nahi-2.

‘ग़ज़ब’ की ‘एकता’ देखी “लोगों की ज़माने में” … !
‘ज़िन्दों’ को “गिराने में” और ‘मुर्दों’ को “उठाने में” … !!

Jo Aankhein Mujhe Dekh Kar Jhuk Gayi,
Yakeenan… Kabhi To Us Ne Mujhe Chaha Zaroor Hoga…!!!!!

किसी मोहब्बत वाले वकील से ताल्लुक है क्या?
मुझे अपना महबूब अपने नाम करवाना हैं..!!  Read more

अगर यूँ ही कमियाँ निकालते रहे आप….
तो एक दिन सिर्फ खूबियाँ ही रह जाएँगी मुझमें..

ज़िन्दगी तेरी आजमाइशें
मेरी तुझसे फरमाइशें
घटती क्यों नहीं !

नसीब इन्सान का चाहत से ही सँवरता है
क्या बुरा इसमें किसी पर जो कोई मरता है
—————————————-
हाल-ए-दिल ना पूछ भरी महफ़िल में कि उदास क्यों हूँ,   Read more

ना लफ़्ज़ों का लहू निकलता है ना किताबें बोल पाती हैं,
मेरे दर्द के दो ही गवाह थे और दोनों ही बेजुबां निकले…

जो अधूरी रह गयी थी वो कहानी सोचना,
कभी बैठकर तन्हा अपनी बातें पुरानी सोचना…

यकीन है के ना आएगा मुझसे मिलने कोई,
तो फिर ये दिल को मेरे इंतज़ार किसका है…

वो हाथ कुछ अजीब से लगते हैं किसी और के हाथों में,
जिन हाथों की चूड़ियाँ कभी टूटी थी मेरे ही हाथों में…

एक याद है तेरी जो सम्भाली नहीं जाती,
एक क़र्ज़ लिया जो अदा हो नहीं सकता…

फिर से तेरी यादें मेरे दिल के दरवाजे पे खड़ी हैं,
वही मौसम, वही सर्दी, वही दिलकश ‘जनवरी’ है…♥

अभी तो दिल में हल्की सी ख़लिश महसूस होती है,
बहुत मुमकिन है कल इसका मुहब्बत नाम हो जाए…