प्यार की राह में ऐसे भी मक़ाम आते हैं |
सिर्फ आंसू जहाँ इन्सान के काम आते हैं ||

उनकी आँखों से रखे क्या कोई उम्मीद-ए-करम | Read more

बोल रहा था कल वो मुझसे हाथ में मेरा हाथ लिए
चलते रहेंगे सुख-दुख के हम सारे मौसम साथ लिए।

उसने अपनी झोली से कल प्यार के हमको फूल दिए Read more

इसका रोना नहीं क्यों तुमने किया दिल बरबाद
इसका ग़म है कि बहुत देर में बरबाद किया।

मेरी नज़र से न हो दूर एक पल के लिए Read more

अपने हाथों की लकीरों में बसाले मुझको
मैं हूं तेरा नसीब अपना बना ले मुझको

मुझसे तू पूछने आया है वफ़ा के मानी Read more

प्यास वो दिल की बुझाने कभी आया भी नहीं
कैसा बादल है जिसका कोई साया भी नहीं

बेरुख़ी इससे बड़ी और भला क्या होगी Read more