मेरी आवाज़ सुनकर के तुम्हारा जी बहलता है
तुम्हारी इन अदाओं पर हमारा दम निकलता है

मेरी खामोशियों को जब से तेरा दिल समझता है  Read more

ज़िक्र होता है मेरा बारहा उसकी जुबां पर
हिचकियाँ बेसबब मुझे यूँ ही नहीं आती

वो जब सोती है तो भीग जाता है तकिये का कोना  Read more

रफ़्ता रफ़्ता तुझसे वाबस्ता हो रहें हैं
जाने क्या मिल रहा है जाने क्या खो रहे हैं

तुझसे मिले हैं जब से दो आलम का है ये दिल  Read more