#G4.

क्यूँ खोये खोये से मेरे दिलदार नज़र आते हैं,
कोई कह दे हम उनके दीदार को इधर आते हैं,

हथेली में मेरी अक्सर काँटे चुभाने वाले,  Read more

वो मज़ा ए तड़प कहाँ ग़र सब एक साथ मिल जाय,
ग़ुमनाम किश्तों मे मरने का मज़ा ही कुछ और है… ग़ुमनाम

तेरे दिल में मेरे प्यार की जो बातें हैं,
तुझे उन बातों की कसम,

तेरे प्यार के किस्से मेरे हिस्से…  Read more

#G3

कौन कहता है ख़ामोशी बदग़ुमां है,
ज़रा ग़ौर से सुनिये इसकी अपनी ज़ुबां है,  Read more

खुदाया क्या खूब हुनर पाया है उन्होंने ख़ामोशी का,
ग़ुमनाम, वो लब भी नहीं हिलाते और दास्ताँ हो जाती है… ग़ुमनाम

हसरत अभी बाकी है कुछ शाम अभी बाकी है,
तेरे होठों पे थिरकती हुयी ग़ज़ल लगती है यूँ, 

ग़ुमनाम मयकदे में हूँ, और जाम अभी बाकी है,  Read more

यूँ चेहरे पर नक़ाब लगाते हैं लोग,
कुरेद के ज़ख्म मेरे, मुस्कुराते हैं लोग,

आइने का ही ऐतबार हो तो कैसे हो,  Read more

वो मृगनयनी चंचल चितवन सी, इठलाकर जब चलती है,
हर पग पे घुँघरू बजते हैं, हर पग पे पायल बजती है,
लगती वो जैसे आसमान की, परी कोई मचलती है,  Read more

Hello everyone…