बिना गाली-गलौज के उस बद्जबान को मेरा जवाब –

भारत माँ के जयकारे का,
तुझको है कोई ज्ञान नहीं।
तू फर्जों को भूल गया, 
चौपाया है इंसान नहीं।

जिस मिट्टी का तिलक लगाकर,
वीर रणों को जाते हैं।
दुश्मन का सीना छलनी कर,
उनसे नारे लगवाते हैं।

मां के अपमानों का सब,
हिसाब चुकाया जाएगा।
इस मिट्टी में ही इक दिन,
तुझको दफनाया जाएगा।

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