मैं शायर तो नही, करता हूँ शायरी तेरी याद में
मेरे कदमो में ज़न्नत तो नही, लेकिन तेरी मोहबत किसी ज़न्नत से कम तो नही.
-Nisha nik.

जिन्दगी भी बङी कमबख्त चीज है
मिलती तो एक बार है पर रूलाती बार-बार है
-Nisha nik.

होठो पे हंसी सजाये रखना दिल में सदा सकून रखना
ना जाने कब खुदा की रहम हो जाये और तख़्तो ताज पर हमे सजाये ।

Nisha nik

जग हमे भुल जाये, पर तुम ना भुलाना कभी
आँखे कभी हमारी मिल जाये तो, आँखे ना चुराना कभी

हम जिन्दगी का सफ़र , साथ निभा तो नही सकते
पर जब साथ देने का समय आये तो हाथ ना छुङना कभी।

Nisha nik.

दर्द में हम गाते है, लोगो को अपने नगमे हम सुनाते है
हम लिखते है तुम्हारी याद में और लोग हमे  शायर कह जाते है।

 

आँखो के रस्ते से दिल मे ऊतरती हो
सरमो सरमी के हर पहरे को तोङती हो  Read more

मुझे तूझसे कोई सिकवा नही
तेरे दरद को श्यारी बना दिया

मैंने भी अपने हारे मुकदर को
तेरी याद में जीत का सिकंदर बना दिया

-Nisha nik.

तेरे संग जीने की चाहत है
तुझसे मिलने की उल्फत है

एक बार जो तुझसे मिल लू
यही मेरी इबादत है।

-Nisha nik.

ऐ जिन्दगी मुझे तुझसे बस इतना चाहिए
तू कभी मेरा साथ देना या मत देना  Read more

किस दर जाऊ ?
मुझे पता ही नही

किससे मांगू ?  Read more

हम दुअओ में तुम्हे मांगना नही चाहते
पर तुम्हे ही पाने की सोचते है  Read more

आंसुओ का कैसा ये मंजर है
ऐसा लगता आँखो में ही समन्दर है

आब -ए -चश्म आँखो से सदा बहता है
ऐसा लगता समन्दर का आब -ए -तल्ख़ है।
-Nisha nik

आँखो में मेरे शराब है
पुरा बदन शब्ब है
अगर चाहत हो हुजूर को होठो से जाम चकने की
मयखाना -ए -शब्ब तैयार है।

तुम ने चाहत भरी नजरो से देखा हमें
हम गलत समझ बैठे
तुम्हारे इस दिल लगी को मोहब्बत समझ बैठे।

हम खुबसूरत नही औरो की तरह
पर इस में भी गलती हमारी नही

उस ऊपर वाले ने हमे बनाने में जल्दी कर दी
इसलिए चेहरा बनाने में कुछ कमी कर दी।

राधा सुकुमारी
प्यार से भी प्यारी
कान्हा के मुरली के तनो पर झुमती ये बृज दुलारी  Read more

मोहबत में तन्हाई है
तेरे और मेरे मिलने में रूसवाई है
तूने अपनो को छोङा मेरे लिए
खुदा की नाइंसाफी देखो
मैने जग ही छोङ दिया तेरे लिए।

टुटती हूँ हर पल ऐसे
जैसे किसी के हाथो का खिलौना बन गई हूँ
कभी किसी के साथ को पाने के लिए टूटती हूँ
तो कभी किसी के साथ को भुलाने के लिए टूटती हूँ
कभी किसी के आँखो

ये अलहड सी हवायें,
मुझको तेरी याद दिलाती हैं।
जब पूरवायि चलती हैं
तो तेरे पास होने का ऐहसास दिलाती है।
ये गरम-गरम सी हवायें तेरे दूर होने की
खबर से मेरे दिल को जलाती है।
ये अलहड सी हवायें ,
मुझको तेरी याद दिलाती है।

सोचो तो सब है जिन्दगी ,
न सोचो तो एक fun है जिन्दगी,
इब्बादत करो तो खुदा है जिन्दगी ,
ना मानो तो चंद सासो की एक माला है जिन्दगी।