जब भी कश्ती मेरी सैलाब में आ जाती है,
माँ दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है,

रोज़ मैं अपने लहू से उसे ख़त लिखता हूँ, Read more

इश्क है तो इश्क का इजहार होना चाहिये,
आपको चेहरे से भी बीमार होना चाहिये,

आप दरिया हैं तो फिर इस वक्त हम खतरे में हैं,
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अपने हाथों की लकीरों में बसाले मुझको
मैं हूं तेरा नसीब अपना बना ले मुझको

मुझसे तू पूछने आया है वफ़ा के मानी Read more

प्यास वो दिल की बुझाने कभी आया भी नहीं
कैसा बादल है जिसका कोई साया भी नहीं

बेरुख़ी इससे बड़ी और भला क्या होगी Read more

एक बूढ़ा कारपेंटर अपने काम के लिए काफी जाना जाता था , उसके बनाये लकड़ी के घर दूर -दूर तक प्रसिद्द थे . पर अब बूढा हो जाने के कारण उसने सोचा कि बाकी की ज़िन्दगी आराम से गुजारी जाए और वह अगले दिन सुबह-सुबह अपने मालिक के पास पहुंचा और बोला , ” ठेकेदार साहब , मैंने बरसों आपकी सेवा की है पर अब मैं बाकी का समय आराम से पूजा-पाठ में बिताना चाहता हूँ , Read more

रात की कालिख जब उफ़ान पर होती है
तेरी बाहों के चिरागों से तब सहर होती है

रोती है बहुत तब कोई नादान चकोरी Read more

फैसला कोई भी हो मैं हार ही जाऊँगी
दिल तेरे प्यार का मुद्दमा मुझसे जीता ना जायेगा

जाने क्या बात हुई कुछ दूरियों का सा गुमान है
मेरे महबूब तेरी हर अदा तेरे मौसम का पता देती है

तेरे कदमो की आहट रात भर सोने नही देती
इस कदर दिल पर मेरे तुम राह बनाये हो

नीतू

मैं मील का पत्थर हूँ कहाँ जाऊँगा
तू मुसाफिर है तुझसे रुका ना जायेगा