नाजुक सी मोहब्बत है, दुश्मन ज़माना है,
ये जन्मों का रिश्ता है, पर सबसे छुपाना है,

क्या तेरी मज़बूरी है, Read more

मिट्टी के घरोंदे है, लहरों को भी आना है,
ख्बाबों की बस्ती है, एक दिन उजड़ जाना है,

टूटी हुई कश्ती है, Read more

बात जुबाँ पे ना सही, दिल में दबा रखना,
जगह थोड़ी सी सही, दिल में बना रखना,

गर,बात निकल आये, Read more

आज इज़हार-ए-इश्क होना है,
आज इकरार-ए-इश्क होना है,

आज इश्क का दिन है, Read more

तेरा जाना दिल को कभी गँवारा ना हुआ,
ऐसा रूठा हमसे फिर कभी हमारा ना हुआ,

बहुत हसरत रही कि तेरे Read more

मोहब्बत में टूटे, तो फिर संभालना नही आया,
उनसे बिछड़े है जबसे, फिर मचलना नही आया,

मेरे दिल की,तासीर ही Read more

यू ,मुझे तड़पता, छोडकर जाने वाले,
लौट आ मेरा आशियाँ सजाने वाले,

यू तन्हा जीना, बहुत Read more

जब तेरे इश्क में, भुलाया खुद को,
अब लोग मुझसे, मेरा नाम पूछते है,

किस पे लिखते हो, इतनी शिद्दत से,
अब दोस्त मुझसे,  Read more

कमी तेरे नसीबों में रही होगी, कि तू मेरी ना हुई,
मैने तो कोशिश बहुत की, तुझे अपना बनाने की…
~मनोज सिंह “मन”

ना इतराओ इतना,बुलंदियों को छूकर,
वक़्त के सिकंदर, पहले भी कई हुये,

जंहा होते थे कभी, Read more

हम रात भर समेटते रहे,टुकड़े दिल के,
कल कोई तोड़ गया था,यू गैरों मिल के,

पूछ ही ना पाये , उनसे सबब बेरुखी का,
रह गये खामोश, Read more

मेरे अश्क और तेरी यादों का, कोई तो रिश्ता जरुर है,
कम्बखत जब भी आते है, दोनों साथ ही आते है,
~मनोज सिंह “मन”

ज़माना मेरी हँसी को,मेरी ख़ुशी समझता रहा,
मै ऐसे ही उन्हें भुलाने की,कोशिश करता रहा,

कभी चोट खाई थी,प्यार में इस दिल में भी,
एक दर्द सा ताउम्र को, Read more