काश कि ये हालात,एकबार फिर बदल जाते,
अबकी तेरे बदलने से पहले,हम बदल जाते,

कितना ग़मज़दा रहा हूँ,तेरी जुदाई में सनम,  Read more

यूँ बेसब-बेवजह नही था, तेरा जुदा हो जाना,
शायद मेरी तकदीर में था, मेरा फ़ना हो जाना,

बहुत आसां है, आज इस मतलबी दुनिया में,
यूँ किसी धड़कते दिल का, पत्थर हो जाना,

~मनोज सिंह”मन

यू गुमसुम ना बैठा करो,कभी खुद में भी होया करो,
क्यों गुनाह दिल से हुआ,कभी तुम भी तो सोचा करो,

क्यों घुट घुट के जीते हो,यू अश्क अपने ही पीते हो,  Read more

कुछ इस तरह से बदनाम, मै ज़माने में रहा,
कि नाकाम हर इक रिश्ता, निभाने में रहा,

ये कैसे बताये उनको, कि मगरूर नही हम,  Read more

इतना खुदगर्ज़ भी नही हुआ, तेरे जाने बाद,
कि तेरी यादों को भी, अब दिल से निकाल दूँ.
~ मनोज सिंह”मन”

माना महरूम हुये है हम,तेरी चाहत से,
मगर यकीं उठा नही है अभी मोहब्बत से,

जब भी दिख जाओगे,कंही राहों में हमें,  Read more

मिला जो हमें प्यार से, वो अपना सा लगा,
बिन मागें मिल गया सब,तो सपना सा लगा,

बिटिया विदा हुई घर से, रोया मै ज़ार ज़ार,  Read more

इस जिन्दगी की बस एक ही कहानी है,
कंही ठहरा तो कंही बहता हुआ पानी है,

न जाने कोई राज़  बहते हुये अश्कों का,  Read more

दीवानों से उस बेगाने का ,रिश्ता लगता है,
मुझे चेहरे से वो पागल, फरिश्ता लगता है,

वो भी पहले हँसता था,कहते है सब लोग,  Read more

मुश्किल बस इतनी है,हमें जताना नही आता,
इल्ज़ाम ये लगा है कि हमें निभाना नही आता,

मिल्कियत मेरी भी बन जाती,औरों की तरह,  Read more

मै भी कमा सकता हूँ, दौलत ज़माने भर की,
मग़र फ़िक्र है,तो बुज़ुर्गो के उठे हुये सर की,

ग़र कोई मुझे नाकारा समझे,तो समझता रहे,  Read more

कांटे रहे उस राह में,जख्मी है कदम अबतक,
प्यार जिंदा है मगर और,जिंदा है हम अबतक,

तेरे सिवा किसी और को,कभी न चाहेंगे सनम,  Read more

दफ़ा कोई मोहब्बत पे भी लगाई जाये,
सज़ा कोई मोहब्बत को भी सुनाई जाये,

इश्क का फरेब से इसका रिश्ता गहरा है,  Read more

बहुत गरीबाँ हूँ मै, इतना होते हुये,
कितना रोया था मै,तुमको खोते हुये,

तेरी यादों के संग,अब जीता हूँ मै,  Read more

गुल कहू,गुलबदन कहू,ए गुलनशी,तुझे क्या कहूँ,
जाँ कहू,जाने-जाँ कहू, ए जाने-मन,तुझे क्या कहूँ,

तुझको देखा है जब से,रब को भुलाया है तब से,  Read more

ग़र इश्क है तो इश्क का मिलना जरुरी है,
दिल किसी पे आये,तो मचलना जरुरी है,

दौर-ए-जवानी में अक्सर,फिसलता है मन,  Read more

इक तेरे चेहरे के सिवा अब कोई चेहरा अच्छा नही लगता,
उफ़ ये इश्क है या है कोई मर्ज़ कि कुछ अच्छा नही लगता,

कुछ ऐसा करो सनम कि रह जाओ उम्रभर के लिये, Read more

ए दिल ये तेरी जिद, मुझे नादानी लगती है,
उसे पाने की उम्मीद,अब बेमानी लगती है,

क्यों खोया है तू,उसके खाब्बों-ख्यालों में, Read more

इश्क तेरे फरेब में,ये किस मुकाम तक आ गये,
घुट घुट के जिये,ऐसे की शमशान तक आ गये,

मेरे नेकी के चर्चे रहे,   Read more

अभी नादाँ हु इश्क में, जताऊ कैसे,
प्यार कितना है, तुमसे बताऊ कैसे,

बहुत चाहत है, दिल में तुम्हारे लिये,
तुम ही कहो, तुम्हें Read more