ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा
कहा दो दिलों ने, के मिलकर कभी हम ना होंगे जुदा

ये क्या बात है, आज की चाँदनी में,
के हम खो गये, प्यार की रागनी में. Read more

बहुत समय पहले की बात है ,किसी गाँव में एक किसान रहता था . वह रोज़ भोर में उठकर दूर झरनों से स्वच्छ पानी लेने जाया करता था . इस काम के लिए वह अपने साथ दो बड़े घड़े ले जाता था , जिन्हें वो डंडे में बाँध कर अपने कंधे पर दोनों ओर लटका लेता था . उनमे से एक घड़ा कहीं से फूटा हुआ था ,और दूसरा एक दम सही था . इस वजह से रोज़ घर पहुँचते -पहुचते किसान Read more

जो बीत गई सो बात गई…

जीवन में एक सितारा था
माना वह बेहद प्यारा था
वह डूब गया तो डूब गया  Read more

रंगों में घुली लड़की क्या लाल गुलाबी है,
जो देखता है कहता है क्या लड़की शबाबी है,
पिछले बरस तूने जो भिगोया था होली में,  Read more

होली पर अपने चेहरे को रंगों से सजाने की ज़रूरत क्या थी,
इन हसीन नैन औ नक्श को रंगों के पीछे छुपाने की ज़रूरत क्या थी,
हम तो कल भी आपको बन्दर समझते थे,  Read more

ख़ुशी के इस पल में ये दिल बस मुस्कुराए,
हर गम भुला के प्यार भरे सपने सजाए,
इन हसीन पलों की खुशबु इस दिल को बहुत भाए,
शायद इन पलों का संगम ही जन्नत कहलाए। Read more

अगर बेवफ़ा तुझको पहचान जाते,
ख़ुदा की क़सम हम मुहब्बत न करते,
जो मालूम होता ये इलज़ाम-ए-उलफ़त, Read more

तुम मुझे छोड़ कर जाओगी तो मर जाऊँगा
यूँ करो, जाने से पहले मुझे पागल कर दो…

 

ऐसा लगता ज़िन्दगी तुम हो
अजनबी कैसे अजनबी तुम हो।

अब कोई आरज़ू नहीं बाकी  Read more

प्यार की राह में ऐसे भी मक़ाम आते हैं |
सिर्फ आंसू जहाँ इन्सान के काम आते हैं ||

उनकी आँखों से रखे क्या कोई उम्मीद-ए-करम | Read more

“नहीं कहा जो कभी, ख़ामख़ा समझती है
जो चाहता हूँ मैं कहना कहाँ समझती है
सब तो कहते थे ताल्लुक में इश्क़ के अक्सर Read more

“ग़म में हूँ या हूँ शाद मुझे खुद पता नहीं
खुद को भी हूँ मैं याद मुझे खुद पता नहीं
मैं तुझको चाहता हूँ मगर माँगता नहीं Read more

पूरे का पूरा आकाश घुमा कर बाज़ी देखी मैने,
पूरे का पूरा आकाश घुमा कर बाज़ी देखी मैने

काले घर में सूरज चलके, तुमने शायद सोचा था Read more

दीप जले तो रोशन आपका जहान हो,
पूरा आपका हर एक अरमान हो,
माँ लक्ष्मी जी की कृपा
बनी रहे आप पर, Read more

बस एक चुप सी लगी है, नहीं उदास नहीं!
कहीं पे सांस रुकी है!
नहीं उदास नहीं, बस एक चुप सी लगी है!! Read more

हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है?
तुम ही कहो कि ये अंदाज़-ए-ग़ुफ़्तगू क्या है?

रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ायल Read more

ऐसे चुप हैं कि ये मंज़िल भी कड़ी हो जैसे
तेरा मिलना भी जुदाई कि घड़ी हो जैसे

अपने ही साये से हर गाम लरज़ जाता हूँ Read more

कितनी जल्दी ये मुलाकात गुजर जाती है, प्यास बुझती नहीं की बरसात गुजर जाती है,
अपनी यादो से कह दो की यूं सताया न करे, नींद आती नहीं और रात गुजर जाती है।

आंसू को पलको तक लाया मत करो, दिल की बात किसी को बताया मत करो,
लोग मुठ्ठी में नमक लिए फिरते है, अपनी जख्म उन्हें दिखाया मत करो।

मावस की काली रातों में दिल का दरवाजा खुलता है,
जब दर्द की काली रातों में गम आंसू के संग घुलता है,
जब पिछवाड़े के कमरे में हम निपट अकेले होते हैं, Read more