भीड़ तन्हाई की घटे तो खुद को ढूंढू मैं
कि तेजी है बहुत, अकेली रात के लहज़े में…..
आभा…

बड़ा अजीब सा सिलसिला है मेरे नसीब का मेरे साथ
कश्ती पर बिठा कर मुझको सागर में सैलाब लाता है….
आभा….

वो जो मिल गया था अचानक किस्मत से
बिना मिले ही बिछड़ गया मुझसे……..
आभा….

ज़रा जल्दी मिल जाना
नहीं तो पहचानूंगी कैसे……ऐ खुशी
आभा….

इक बार फिर से एक नज्म रो पडी है
दुनिया के कायदों से वो खुद लड पड़ी है//
यकीन दिला के दिल को कोई चला गया है Read more

मुझसे जां बचाने के बहाने न तलाश कर….
कोई और न मिलेगा हम सा….. हमें छोड़ कर…
आभा….

मैने कभी अपनी चाहत का वज़न नहीं देखा
जब किसी ने पूछा दोनो हाथ फैला दिये इतना….
आभा….

थकन जिंदगी की और गहरी लग रही है
जाने क्यूं सांस कुछ ठहरी लग रही है
पिया तो है ज़हर मैने अमृत समझ कर Read more

तुम्हारी आवाज़ के लहज़े से
पढ़ती थी तुमको इसीलिए
तुमने अब मुझसे बात करना
बंद कर दिया शायद……
आभा….

शाम होते ही तुम अपना गम भूलने की कोशिश करोगे,
और हम शाम के बाद तेरी यादों के जश्न से घिर जायेंगे…
आभा..

मोहब्बत यूँ ही किसी से हुआ नहीं करती
खुद को भूलना होता है किसी  को अपना बनाने के लिए…
आभा…

कभी ज़रा सा थम के नहीं रहता ~~
वक्त की आदत बहुत पुरानी है
आभा..

मैं अब तक
उस राह को ताक़ रही हूँ
जिससे तुम चले गए थे
सुनो तुमने कहा था Read more

जिस दरख़्त के नीचे
हम मिला करते थे
आज उसी के पास  Read more

मोहब्बत छोड़ तो दी उसने मगर पहचान इतनी बाकी है…
जब भी मिलता है निगाहें फेर लेता है…………
आभा..

नज़रें नीची और ख्वाब ऊँचे रखती हूँ
ऐ ज़िन्दगी तेरी धुन पे नाच लेती हूँ
चेहरे पर मुस्कान सजा लेती हूँ  Read more

काश कुछ दिनों के लिए मुहब्बत और नफ़रत के मानी बदल जाये
फिर चैन से बैठ कर नफरतों में मुहब्बत तलाशेगी दुनिया…. Abha

हकीकत में जो गुज़र जाती है दिल पे
उसी का अफ़साना बना लेती है दुनिया..
आभा..

कहीं न कहीं तुम
मेरे शब्दों में झांक रहे
कैसे कहूँ याद नहीं आते हो  Read more

यूँ तो वक्त बहुत है पर
एक लम्हे को तरसते है हम
वैसे तो खिलखिलाते रहते हैं पर  Read more