वो हंसी शाम जो उधार है तुम्हारी मुझ पर
फक़त उसके सहारे सदियां गुज़ार आये..
आभा…

जब भी किसी ने बारहा ज़िक्र तेरा किया
खो गयी आंखे दिखायी दूर तक न दिया….
आभा….

शहर है हादसों का, यहां सब सपनों में जिया करते हैं
बस ख़ुद की खुशी की लिये सबको थोड़ा थोड़ा सा मार दिया करते हैं.
आभा….

दिन गुज़र जाता है बेमुरव्वत राही की तरह
रात आती है फिर सवालों की भीड़ लिये…
आभा….

मिलो जब तुम तो
बस
इतना मिल जाना
कि
तुम में तुम जी जाये
और
मेरा मै भी जिंदा रहे
आभा…..

मां धरती है पिता आसमां है
मां पूजा है तो पिता महान है
जीवन चमकता दोनों के साथ
मां ममता है पिता सम्मान है…
आभा….

तपती आंखो में कहां जीते हैं ख्वाब
धूप की जलन तो कहां पलते हैं ख्वाब

ख्वाहिशों की नर्म छांव में बैठे बैठे  Read more

याद आऊं चले आना, लम्हा वहीं थमा है//
जिस मोड़ पर तुमने, अकेला कर दिया है//
आभा…

तेरी आंखो में इक सूरज चमक जाता है~
तपन से इसकी मेरा मन तरस जाता है~
आभा…

रिवाज़ न हो भले ही पढी किताबें पढने का//
जिंदगी के सीखे सबक रोज़ याद करने होते है//
आभा….

काश ज़िन्दगी ऐसा एक सवाल बन जाए
जिसका कोई न कोई हल निकल आये…
आभा……

ईश्क हम आज भी तुझे बेपनाह करते है
तेरा इंतजार बस अब नहीं करते है….
आभा….

सिर पर भारी बोझ उठाये चलता है
जिससे सारे कुनबे का पेट पलता है

आंगन से बाहर नहीं निकल पाती  Read more

मेरे घर के रास्ते में नदिया नहीं बहती है
वक़्त की धूल है जो उँगलियों से झरती है

ले सको तो ले लो अपने दुःख औ अपने सुख Read more

आँखें मेरी भी गीली हो जाती है माँ
तू बहुत ज्यादा याद आती है माँ

चली थी तो खुश थी, डांट नहीं सुनूंगी अब  Read more

हाले ऐ दिल अपना कभी सुनाओ भी
कभी हमसे मिलो खुद को मिलवाओ भी

यहाँ हर शख़्स सलीब पर है अकेला  Read more

हाले ऐ दिल अपना कभी सुनाओ भी
कभी हमसे मिलो खुद को मिलवाओ भी
यहाँ हर शख़्स सलीब पर है अकेला  Read more

जो हो सके तो कोई टूटा हुआ वादा ही रख दे आंखो में मेरी
के आज बढ गयी है बेकरारी हद से कहीं ज्यादा मेरी….
आभा….

उतर आयेगी धूप भी धीरे धीरे इत्मीनान रख
मौसम अभी सर्द है और दिलों मे लावा है…..
आभा…..

यूं भी जी लूंगी बस जिये जाने तो दो
काटूंगी बलायें ज़रा लफ्जों पे धार आने तो दो

अंधेरा मुंह छुपा के भाग जायेगा  Read more