मेरे दिल का वही कोना जागता रहता है
जहां तेरी यादों का सफर साथ रहता है.
आभा..

तेरी हर एक शिकायत के सौ जवाब है सनम //
के उधारी की ये मुहब्बत हमें भी कुबूल नहीं //
आभा….

चले गये वो तो होश आया मुझे/
कई अनकहे शिकवे रखे रह गये//
आभा….

तेरी यादों को सिरहाने लगा कर सोयी थी मैं,
जब जागी तो सारा ज़हन महक रहा था…
आभा….

ज़र्रा ज़र्रा मेरा इंतज़ार करता है, कभी
तो सुनूं उन अनकही आयतों को
नाउम्मीद सी एक उम्मीद है बाक़ी बस
चुप सी लगी है इन ख़ामोश आँखों को
आभा..

लगता है कि अब ठहर जाऊं मैं
चलते चलते अब थम जाऊं मैं
मैं नदिया हूँ तो मुझे मिलना ही होगा  Read more

आस्मां हमेशा मेरे ही कदमों में नजर आया करता है ~~
मां की दुआओं का हाथ सदा सिर पर छाया रहता है~~
आभा….

देखना मैं एक दिन चली जाउंगी
तुम्हारे लिए लफ्ज़ छोड़ जाउंगी
जो गिले शिकवे है आज कर लो
कल बहुत दूर निकल जाउंगी….
आभा….

गर आंखो को अश्क पीना आ गया होता
मेरी दीवानगी को भी जीना आ गया होता

भूल जाते हम भी हर इक गम अपना  Read more

है कहीं नहीं जो आस पास वो करीब सा लगे
जाने उस आवाज में क्या क्या रंग भरा लगे..
आभा…

मैने जब भी चाहा कि हाले दिल कहूं तुझसे
तू किसी और की बातों में ही उलझा मिला..
आभा….

चोट पत्थर से ही लगे ये जरूरी तो नही है
उनकी बेगानी निगाह भी ये काम करती है
आभा…

जो तू मेरा नहीं तो रब से क्या मांगू♡♡
जो तू मेरा है तो अब मैं क्या मांगू♡♡
आभा….

दुनियादारी की रस्मों से कुछ यूं जकड़े बैठे हैं~
पकडाई थी उंगली जिनको वो पहुंचा पकड़े बैठे है~
आभा….

न जाने किसी को मेरा इंतजार है या नहीं
बस जब भी घर लौटूं तो देहरी खड़ी मिलती है..
आभा…

1.
कितनी मरीचिकाओं से घिरी मैं~
खुद को खुद में ढूंढा करती मैं~

कितने अलग से निरपेक्ष से तुम~ Read more

कह गयी मुझसे उनकी वो जुंबिशे नज़र
ब़ाकी जो ईश्क था अब खत्म हो गया…..
आभा….

बहुत ढूंढा मैने
पर
अब नही मिलते हैं

वो पुराने दिन
जो  Read more

मुद्दतों जिसकी याद में आंख की नमी ना गयी
उसकी ही बातें आज हमें मतलबी ठहरा गयी…..
आभा….

तेरे ज़िक्र से ही संवर जाते हैं-
लफ्ज़ भी क्या तुझे छू आते हैं-
आभा….