ऐ अन्ज़ान,
मेरी गलतियाँ,
मेरी कमियां,
मेरे सारे दोष,
अनदेखा कर देना।
क्योंकि मैं जिस शहर में रहता हूं,
उसे लोग आज़मगढ़ कहते हैं।

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