आज इज़हार-ए-इश्क होना है,
आज इकरार-ए-इश्क होना है,

आज इश्क का दिन है, दोस्तों,
आज गुलज़ार-ए-इश्क होना है,

आज वार दिया,सब इश्क में,
आज निसार-ए-इश्क होना है,

आज जरूरत नही,मैखाने की,
आज ख़ुमार-ए-इश्क होना है,

आज बेसब्र हुआ जाता है, “मन”
आज बेक़रार-ए- इश्क होना है,
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मनोज सिंह”मन”

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