हर इंसान का धर्म होता है
धर्म आपसी एकता का
एक मजबूत जोड़ है

समाज में धर्म के नाम पर
बढ़ रहे विरोधाभास
अंधविश्वास और कलह से
पेशानी पर चिंता की लकीरें
हृदय में दर्द सा उठता है

समाज के चंद लोगों ने
आज धर्म को ही कटघरे में
खड़ा कर दिया है
किन्तु इन सबके परे
हमारा एक सर्वश्रेष्ठ और
सनातन धर्म है इन्सानियत का
जो अमिट है।

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