होली पर अपने चेहरे को रंगों से सजाने की ज़रूरत क्या थी,
इन हसीन नैन औ नक्श को रंगों के पीछे छुपाने की ज़रूरत क्या थी,
हम तो कल भी आपको बन्दर समझते थे, 
और आज भी आपको बन्दर ही समझते हैं,
यह हकीकत ज़माने को बताने की ज़रूरत क्या थी?

होली की शुभकामनाएं

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निकलो गलियों में बना कर टोली,
भिगा दो आज हर एक की झोली,
कोई मुस्कुरा दे तो उसे गले लगा लो,
वरना निकल लो, लगा के रंग कह के हैप्पी होली।

होली की शुभकामनाएं!

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खुदा करे हर साल चाँद बन के आए,
दिन का उजाला शान बन के आए,
कभी दूर ना हो आपके चेहरे से हंसी,
ये होली का त्यौहार ऐसा मेहमान बन के आए।

होली मुबारक हो!

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रंगों में घुले लोग क्या लाल गुलाबी हैं,
जो भी देखता है कहता है क्या शाम गुलाबी है,
पहले बरस जो भीग गया था होली में,
अब तक निशानी का वो रुमाल गुलाबी है।

होली मुबारक हो!

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प्यार,
स्नेह,
समर्पण,
दुलार,
मोहब्बत,
सदभावना,
सदविचार,
इन सात रंगों की रहे बौछार,
होली लाए आपके जीवन में सतरंगी बहार।

होली मुबारक हो!

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