ये तो ना सोचा था हमने, कोई ख़ुदा हो जायेगा,
दिल से दिल लगा के हमसे, वो जुदा हो जायेगा,

दर्द दिल में है अगर, फ़िक्र फिर किस बात की,  Read more

उन नादानियों के दौर से यूँ हम भी गुज़रे थे,
अब क्या बताये आपको कि कैसे बिखरे थे,

शिकवे शिकायत रूठना रोज़ की बात रही,  Read more

लगता है कि अब ठहर जाऊं मैं
चलते चलते अब थम जाऊं मैं
मैं नदिया हूँ तो मुझे मिलना ही होगा  Read more

गर आंखो को अश्क पीना आ गया होता
मेरी दीवानगी को भी जीना आ गया होता

भूल जाते हम भी हर इक गम अपना  Read more

आज तक सब खोया ही खोया था, बस एक तुम्ही को पाया है
और तुम भी अलविदा कह गये ये कहकर की छोड़ो सब मोह माया है
तुम क्या जानो क्या हालत हो गई है इस दिल की,
जो पूरी रात तुम्हारी याद मे रोया है।
ना मिलता है सुबह शुभ दिन का संदेश तुम्हारा ना रात में तुम्हारे ख्वाबों का साया है
आखिर ऐसी क्या वजह है जो तुम्हें ये लगने लगा की सब मोह माया हैं।

यूँ मौसम का असर गया गोया
रंग-ए-गुल और निखर गया गोया

हुआ महसूस ये देखकर उसे  Read more

यूँ बेसब-बेवजह नही था, तेरा जुदा हो जाना,
शायद मेरी तकदीर में था, मेरा फ़ना हो जाना,

बहुत आसां है, आज इस मतलबी दुनिया में,
यूँ किसी धड़कते दिल का, पत्थर हो जाना,

~मनोज सिंह”मन

यू गुमसुम ना बैठा करो,कभी खुद में भी होया करो,
क्यों गुनाह दिल से हुआ,कभी तुम भी तो सोचा करो,

क्यों घुट घुट के जीते हो,यू अश्क अपने ही पीते हो,  Read more

हमसे ये नुकसान उठना मुश्क़िल है
दिल से तुम्हें जुदा कर पाना मुश्क़िल है

हो जाएँ शुरू गर सिलसिले जुदाई के  Read more

अय हमसुखन वफ़ा का तक़ाज़ा है अब यही
मैं छोड़ दूं तेरा शहर जो तू कहे गली

क्यूंकर यकीन आये मुहब्बत का हमनशीं  Read more

1.
कितनी मरीचिकाओं से घिरी मैं~
खुद को खुद में ढूंढा करती मैं~

कितने अलग से निरपेक्ष से तुम~ Read more

जब आप आप न रहे
तो मिलन मिलाप न रहे

ज़िंदगी ऐसे जियो  Read more

बहुत ढूंढा मैने
पर
अब नही मिलते हैं

वो पुराने दिन
जो  Read more

“मौन” है जिनकी वाणी, “मौन” ही जिनका ध्यान,
“मौन” ही जिनकी साधना, वो हैं मेहेर बाबा “मेहेरवान”|

“मौन” रहकर ही दिया, उसने “मौन” का ज्ञान,  Read more

मिला जो हमें प्यार से, वो अपना सा लगा,
बिन मागें मिल गया सब,तो सपना सा लगा,

बिटिया विदा हुई घर से, रोया मै ज़ार ज़ार,  Read more

रख दे अब तू भी वहम का बादल निकाल के
क्या रख दूं तेरे सामने मैं दिल निकाल के

निकाल तो डाला मुझे महफ़िल से कई बार  Read more

जब भी किसी ने बारहा ज़िक्र तेरा किया
खो गयी आंखे दिखायी दूर तक न दिया….
आभा….

अभी इन आँखों पर पलकों का गुज़र जाना बाकी है,
ये नींद सामने है पर आपकी आँखों पर संवर जाना बाकी है,
रात गहरी है और सपनो का बिखर जाना बाकी है,
आप मुराद मांगिये तो सही ये सितारा अभी टूटा नहीं, इसका टूट जाना अभी बाकी है. Read more

परिंदों को आवाज़ लगाने पे रहने दे मुझे
शज़र की मानिंद रबा ठिकाने पे रहने दे मुझे

नहीं चाहिए कोई आसमान है इलित्जा मेरी यही  Read more

दिन गुज़र जाता है बेमुरव्वत राही की तरह
रात आती है फिर सवालों की भीड़ लिये…
आभा….