मीठी नशीली बातों का काफ़िला भी देखा है
जाने ग़ज़ल हमने वो काफ़िया भी देखा है

पूछे लोग मुझसे क्या मैक़दा भी देखा है Read more

दुनियां तेरी भीड़ में शामिल मैं भी हूँ
तेरी तरहा दर्दो को हासिल मैं भी हूँ

इक अपना ख्याल रखा होता तो काफ़ी था  Read more

इक ज़रा सी ज़िंदगी में इम्त्तिहां कितने हुये
बोलने वाले न जाने बेज़ुबाँ कितने हुये

ध्रुव तारा ज़िंदगी का कौन होता है कहीं  Read more

#G4.

क्यूँ खोये खोये से मेरे दिलदार नज़र आते हैं,
कोई कह दे हम उनके दीदार को इधर आते हैं,

हथेली में मेरी अक्सर काँटे चुभाने वाले,  Read more

बुझे चराग़ में भी कुछ जला रखा है
ज़िंदगी में क्या जाने मज़ा रखा है

नहीं होता ज़ोर किसी का किसी पर  Read more

तेरे दिल में मेरे प्यार की जो बातें हैं,
तुझे उन बातों की कसम,

तेरे प्यार के किस्से मेरे हिस्से…  Read more

#G3

कौन कहता है ख़ामोशी बदग़ुमां है,
ज़रा ग़ौर से सुनिये इसकी अपनी ज़ुबां है,  Read more

हसरत अभी बाकी है कुछ शाम अभी बाकी है,
तेरे होठों पे थिरकती हुयी ग़ज़ल लगती है यूँ, 

ग़ुमनाम मयकदे में हूँ, और जाम अभी बाकी है,  Read more

यूँ चेहरे पर नक़ाब लगाते हैं लोग,
कुरेद के ज़ख्म मेरे, मुस्कुराते हैं लोग,

आइने का ही ऐतबार हो तो कैसे हो,  Read more

कहीं रातो से जागी हूँ मुझे इस रात सोने दो,
तेरे गितो को सुनकर के मुझे बेहोश होने दो,
कहीं सदियों से बस मैं युहि हसती आई हूँ
तुमसे मिलकर आज मुझको ये पलकें भिगोना दो,
बहुत ढूंढा है जिन्दगी को, इतना थक चुकी हूँ मैं,
कि बस अब मुझे जमाने में कहीं गुमनाम रहने दो,

न देखिये यूं तिरछी निगाहों से मुझे,
अभी-अभी तो होश में आया हूँ मैं।

मदहोश था अब तक उनकी आराईश में यूं, Read more

सोचो तो सब है जिन्दगी ,
न सोचो तो एक fun है जिन्दगी,
इब्बादत करो तो खुदा है जिन्दगी ,
ना मानो तो चंद सासो की एक माला है जिन्दगी।

दिल के जख्मों पर, मलहम लगा दिया,
वरना नासूर हो जाता, तो क्या करता।

नामूमकिन ख्वाबों को, खामोश कर दिया, Read more

इक बार मुझे भर के नज़र देख लेने दो
अपनी मोहब्बत का असर देख लेने दो

हर तस्वीर में मेरी तेरे ही रंग हों  Read more

तुम रहना अपने द्वार,
करना मेरा इंतजार,
हम दोनो को जाना है, Read more

खुशी मुझे इतनी की बसर हो जाय,
उन्हें महल से घर में एहतमाम की चिंता थी।

हम मिल बांट के गुजर करते हैं अब भी,  Read more

उनसे मत कहना, कि उन्हें याद किया है,
ऐ हवा उनसे मिलके आना जरुर।

मुझे जुल्फें संवारने का मौका दें ना दें,  Read more

एक सूनी अकेली राह चलती
चेहरे पर मुस्कान चस्पां किये
राह की झाड़ियों से रिवाज़ों Read more

मुस्कान पर कुर्बान था, मुद्दत की बात है,
कोई हंसी खेल न, मोहब्बत की बात है।

है पराई वो अगर, तो हैरत की बात क्या,  Read more

मुफलिसी में भी यहाँ, सुकून से हर बशर रहता है,
उन रेशमी परदों की दीवारों से,डर लगता है।

कितनी आजादी है,इन बस्तियों में रहने वालों को, Read more