इसके तेवर तो देखो इंसान से तीखे
हौसला सीखे तो कोई मच्छर से सीखे

—–सुरेश सांगवान’सरु’

फौज में मौज हैँ,
हजार रूपये रोज है…
थोड़ा सा गम है,
इसके लिए भी रम है…
लाइफ थोड़ी रिस्की है,
इसके लिए तो विस्की है…