गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर सभी मित्रों को हार्दिक शुभकामनाओं के साथ कुछ पंक्तियाँ —

भारत भूमि बलिदानों की, बड़े कठिन से पाया,
जिसको हँसकर बड़े विधि से, रब ने रम्य बनाया।
जिसके खातिर वीरों ने, निज तन से लहू बहाया,
तब जाकर जन्नत से मंजुल, हमनें इसको पाया।

करो सदा ही इसकी रक्षा,जब तक तन में प्रान रहे,
तय कर लो ऐसा ही होवे, भारत देश महान रहे।
शस्य श्यामला बनी रहे भू, गंगा यमुना नीर बहे,
कह ‘अयुज’ हे वासी तुममें, इसके प्रेम की पीर बहे।

??जय हिंद,जय भारत??

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