आँखो के रस्ते से दिल मे ऊतरती हो
सरमो सरमी के हर पहरे को तोङती हो 

तुम मुझ से इतनी मोहबत करती हो
फिर भी सदा कहने से डरती हो

आँखो के रस्ते से दिल मे ऊतरती हो।

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