फिर गद्दारों का मान हुआ,
भारत माँ का अपमान हुआ।
दिल्ली की स्वच्छंद हवाएं क्यों बदली, 
ये कैसा विधि का विधान हुआ।

कतिल जो थे महिमा मंण्डित किए गए,
वीरों के मानों को खंण्डित किए गए।
हिमयोद्धा की साँसों को भी घुटन हुआ,
यूँ सामाजिक हिस्से आबंटित किए गए।

हिमयोद्धा को भावभीनी श्रद्धाँजलि

amresh ayuj

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