ज़िन्दगी का अतीत…

निःशब्द शान्ति का आवरण ओढ़े ज़िन्दगी, तलाशती है अपने अतीत को,
दूर बहुत दूर जाती है पीछे, एक झलक देखने अपने आप को ||

ज़िन्दगी ने देखा, उसपर धूल जमी थी, पर घाव हरा था,  Continue reading